सिलौत स्टेशन के पास हुए पूर्वांचल हादसे में गोरखपुर डिपो व वहां के वर्कशॉप के अधिकारियों को दोषी पाया गया है। जांच कमेटी ने पूरी रिपोर्ट रेल मुख्यालय को भेज दी है। सोनपुर मंडल के डीआरएम अनिल गुप्ता ने बताया, ट्रेन का प्रारंभिक मेंटेनेंस गोरखपुर में किया गया था, फिट का एनओसी मिलने के बाद ही ट्रेन वहां से रवाना हुई थी। लॉकडाउन के बाद 20 अक्टूबर को पहली खेप लेकर ट्रेन गोरखपुर से रवाना हुई थी।
काफी दिनो सें ट्रेन यार्ड में खड़ी हाेने से इसका मेंटेनेंस अच्छी तरह होना चाहिए था, इसमें कहीं चूक हुई है। डीआरएम ने बताया कि जांच में पाया गया कि मुजफ्फरपुर से ट्रेन सही-सलामत रवाना हुई थी। सिलौत स्टेशन से गुजर रही थी। इसी दाैरान ट्रेन ए-2 और एस-5 काेच पटरी से उतर गए। हालांकि, ट्रेन की रफ्तार धीमी हाेने के कारण यात्री हताहत नहीं हुए थे।
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